Priya जब Komal की मौत हुई, तो प्रिया़ तुरंत उसके घर पहुँच गई। घर में रोने की आवाज़ें गूँज रही थीं। कोमल की माँ ज़ोर-ज़ोर से रो रही थी और आसपास के लोग उन्हें संभालने की कोशिश कर रहे थे।

प्रिया़ और कोमल बचपन से साथ रहती थीं। कोमल के माता-पिता भी प्रिया़ को अपनी बेटी जैसा मानते थे। जैसे ही प्रिया़ घर पहुँची, कोमल की माँ उसे देखकर और ज़्यादा रोने लगीं।

कुछ देर बाद प्रिया़ ने धीरे से कोमल के पापा से पूछा:

क्या मैं कोमल को आख़िरी बार देख सकती हूँ

कोमल के पापा ने भारी दिल से कहा:“हाँ बेटा… देख लो।”

प्रिया़ काँपते हाथों से कोमल के चेहरे पर पड़ी सफेद चादर हटाती है। जैसे ही उसने चेहरा देखा, उसकी चीख निकल गई।

कोमल की आँखें पूरी खुली हुई थीं… और लाल हो चुकी थीं। उसके चेहरे पर मिट्टी लगी हुई थी, जैसे कोई उसे ज़मीन के अंदर से खींचकर लाया हो।

प्रिया़ ने डरते-डरते चादर थोड़ी और हटाई… तभी उसकी

नज़र कोमल के हाथ पर पड़ी

🌹वही फूल…🌹

वही डरावना फूल… जिसे कोमल कब्रिस्तान से उठाकर लाई

प्रिया़ ने चुपके से वह फूल कोमल के हाथ से निकाल लिया और बिना किसी को बताए घर लौट आई।

पूरी रात प्रिया़ के मन में एक ही सवाल घूमता रहा

क्या सच में इस फूल की वजह से कोमल की मौत हुई?”

सोचते-सोचते प्रिया़ को नींद आ गई

आधी रात…

अचानक किसी के चीखने की आवाज़ से प्रिया़ की आँख खुल गई। वह घबराकर खिड़की के पास गई और बाहर देखा… लेकिन वहाँ कोई नहीं था।

जैसे ही वह पीछे मुड़ी…उसकी साँसें रुक गईं।

कमरे के बीचों-बीच कोमल फाँसी पर लटकी हुई थी। उसकी लाश धीरे-धीरे हवा में झूल रही थी।

प्रिया़ डर से काँपने लगी। वह धीरे-धीरे पीछे हटने लगी… तभी अचानक कोमल की आँखें खुल गईं।

और वह डरावनी आवाज़ में बोली:“प्रिया़… तुझे वो 🌹फूल🌹 नहीं लेना चाहिए था…वो… उसे वापस लेने ज़रूर आएगा…”

प्रिया़ ज़ोर से चीखी और डर के मारे अपनी आँखें बंद कर लीं।
जब उसने दोबारा आँखें खोलीं, तब सुबह हो चुकी थी।

कमरे में कोई नहीं था।प्रिया़ ने खुद को समझाया:“शायद ये सिर्फ़ एक सपना था

लेकिन उसके हाथ में वही फूल अब भी मौजूद था

अब प्रिया़ सच जानना चाहती थी। अगले दिन वह सीधे कब्रिस्तान पहुँची।

वह उस कब्र को ढूँढने लगी, जहाँ से कोमल ने फूल उठाया था। लेकिन घंटों ढूँढने के बाद भी उसे वह कब्र नहीं मिली।निराश होकर जैसे ही वह वापस लौटने लगी, उसकी नज़र एक शराबी आदमी पर पड़ी, जो कब्रिस्तान के बाहर बैठा था

निराश होकर जैसे ही वह वापस लौटने लगी, उसकी नज़र एक शराबी आदमी पर पड़ी, जो कब्रिस्तान के बाहर बैठा था।प्रिया़ उसके पास गई और पूछा:“क्या तुम यहाँ काम करते हो?”शराबी हँसते हुए बोला:“मैं यहाँ सिर्फ़ पैसों और शराब के लिए काम करता हूँ।”

प्रिया़ ने वह फूल दिखाकर पूछा:“क्या तुम बता सकते हो ये फूल किस कब्र का है?”

शराबी ने फूल को देखते ही अचानक अपना चेहरा गंभीर कर लिया।उसकी आँखों में डर साफ दिखाई देने लगा।वह धीरे से बोला:

ये फूल… इंसानों की कब्र पर नहीं रखा जाता…”
प्रिया़ घबरा गई।
“मतलब?”
शराबी काँपती आवाज़ में बोला:

सालों पहले यहाँ एक तांत्रिक को जिंदा दफनाया गया था। मरने से पहले उसने कहा था—‘जो भी मेरी कब्र से फूल उठाएगा… उसकी मौत तय होगी।’”

प्रिया़ के हाथ काँपने लगे।

तभी शराबी बोला:“अगर तुम बचना चाहती हो… तो आज रात बारह बजे ये फूल उसी कब्र पर वापस रखना होगा।”

प्रिया़ ने तुरंत शराबी को पैसे दिए और फूल उसे सौंप दिया।शराबी बोला:

आज रात मैं तुम्हें उस कब्र तक ले जाऊँगा…

रात के ठीक बारह बजे…

प्रिया़ और शराबी कब्रिस्तान पहुँचे। चारों तरफ़ भयानक सन्नाटा था। अचानक तेज़ हवा चलने लगी और सारे पेड़ हिलने लगे।

शराबी प्रिया़ को एक टूटी हुई कब्र के पास ले गया।जैसे ही उसने फूल वापस रखने की कोशिश की…अचानक ज़मीन हिलने लगी।कब्र के अंदर से किसी के हँसने की डरावनी आवाज़ आने लगी।

और तभी…

एक सड़ा हुआ हाथ मिट्टी फाड़कर बाहर निकला।प्रिया़ डर के मारे पीछे हट गई।शराबी चिल्लाया:

“फूल रखो… वरना ये तुम्हें भी मार देगा!”प्रिया़ ने काँपते हाथों से फूल कब्र पर रख दिया।अचानक सब शांत हो गया।

हवा रुक गई।आवाज़ें बंद हो गईं।प्रिया़ ने राहत की साँस ली… लेकिन तभी उसने देखा—शराबी गायब था।

और उसकी जगह…कोमल खड़ी मुस्कुरा रही थी।

उसकी लाल आँखें प्रिया़ को घूर रही थीं।कोमल धीरे से बोली:“अब बहुत देर हो चुकी है प्रिया़…अगला फूल… तेरी कब्र पर रखा जाएगा…”अचानक पूरा कब्रिस्तान प्रिया़ की चीख से गूँज उठा।और अगले दिन…लोगों को कब्रिस्तान में एक नई कब्र मिली।जिसके ऊपर वही डरावना फूल रखा था

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