आरव और निशा एक ही कॉलेज में पढ़ते थे। दोनों की दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। हर शाम वे कॉलेज के पीछे वाली झील के पास घंटों बातें किया करते थे।

निशा हमेशा कहती थी,“अगर एक दिन मैं तुमसे दूर चली गई तो क्या तुम मुझे भूल जाओगे?”

आरव मुस्कुराकर कहता,“सच्चा प्यार कभी भुलाया नहीं जाता

समय बीतता गया और उनका प्यार और गहरा होता गया। लेकिन एक दिन निशा अचानक कॉलेज आना बंद हो गई। उसका फोन भी बंद आने लगा।

कई दिनों बाद आरव को पता चला कि निशा के पिता ने उसकी शादी कहीं और तय कर दी है। यह सुनकर आरव पूरी तरह टूट गया।

शादी से एक दिन पहले निशा ने आरव को उसी झील के पास मिलने बुलाया। रात बहुत शांत थी। निशा की आँखों में आँसू थे।

उसने कांपती आवाज़ में कहा,“मैं तुम्हें कभी भूल नहीं पाऊँगी…”

आरव ने उसका हाथ पकड़ लिया और बोला,“तो मत जाओ…”

लेकिन निशा सिर्फ रोती रही। कुछ देर बाद वह धीरे-धीरे वहाँ से चली गई। आरव उसे जाता हुआ देखता रहा, लेकिन रोक नहीं पाया।

उस रात के बाद दोनों कभी नहीं मिले।लेकिन आज भी आरव हर शाम उसी झील के किनारे बैठकर निशा का इंतज़ार करता है…।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

hindikahaaniya.in