रात का समय था। दो सबसे अच्छी सहेलियाँ, Priya और Komal, अपने कमरे में बैठकर डरावनी बातों पर चर्चा कर रही थीं।

अचानक कोमल ने पूछा,“प्रिया़, क्या सच में भूत, चुड़ैल और आत्माएँ होती हैं?”

प्रिया़ ने धीरे से कहा,“पता नहीं… मैंने सिर्फ लोगों से सुना है।”

कोमल हँसते हुए बोली,“तो क्यों ना आज रात कब्रिस्तान चलकर खुद देख लें?”प्रिया़ डर गई।“अगर मम्मी-पापा को पता चल गया तो?”“अरे, किसी को कुछ नहीं पता चलेगा। हम सिर्फ थोड़ी देर के लिए जाएंगे,” कोमल ने कहा।थोड़ी देर सोचने के बाद प्रिया़ मान गई।

आधी रात का कब्रिस्तानरात के ठीक 12 बजे दोनों लड़कियाँ कब्रिस्तान के बाहर खड़ी थीं। चारों तरफ सन्नाटा था। ठंडी हवा चल रही थी और पेड़ों की आवाज़ माहौल को और डरावना बना रही थी

प्रिया़ घबराकर बोली,“कोमल, मुझे डर लग रहा है… चलो वापस घर चलते हैं।”लेकिन कोमल ने उसका हाथ पकड़ा और बोली,“कुछ नहीं होगा। चलो अंदर।”

दोनों धीरे-धीरे कब्रिस्तान के अंदर चली गईं।काफी देर तक घूमने के बाद भी उन्हें कोई भूत, चुड़ैल या आत्मा दिखाई नहीं दी।

प्रिया़ ने राहत की साँस लेते हुए कहा,“देखा, यहाँ कुछ नहीं है। चलो अब घर चलते हैं।”कोमल हँसकर बोली,“सही कहा। लोग बेकार में डरावनी बातें करते हैं।”

तभी जाते-जाते कोमल की नज़र एक कब्र पर रखे सुंदर फूल पर पड़ी। वह फूल उसे बहुत पसंद आया।

प्रिया़ ने कहा,“उसे मत छूना…”लेकिन कोमल ने कब्र के ऊपर रखा वह फूल उठा लिया।इसके बाद दोनों अपने-अपने घर चली गईं।

अगली सुबह

सुबह अचानक प्रिया़ के मोबाइल पर कोमल के पापा का फोन आया।

फोन देखकर प्रिया़ डर गई। उसे लगा शायद उन्हें रात वाली बात पता चल गई है। डर के कारण उसने फोन नहीं उठाया

कुछ देर बाद प्रिया़ ने खुद कोमल को फोन लगाया

लेकिन फोन कोमल के पापा ने उठाया। उनकी आवाज़ काँप रही थी।

प्रिया़ ने घबराकर पूछा,“अंकल… कोमल कहाँ है? मेरी उससे बात कराइए…”

यह सुनते ही कोमल के पापा रोने लगे

उन्होंने टूटती हुई आवाज़ में कहा,“कोमल… अब इस दुनिया में नहीं रही। उसने रात में फाँसी लगा ली…”

प्रिया़ के हाथ काँपने लगे।“लेकिन… कैसे?”

कोमल के पापा रोते हुए बोले,“हमें नहीं पता। सुबह जब हमने देखा… उसके हाथ में सिर्फ एक फूल था…”

फूल का नाम सुनते ही प्रिया़ के चेहरे का रंग उड़ गया।उसे याद आया…वही फूल जो कोमल रात में कब्र से उठाकर लाई थी।

प्रिया़ डर से काँपने लगी

अब उसे यकीन हो चुका था…कि आत्माएँ सच में होती हैं।और शायद…उस फूल के साथ कोई बुरी आत्मा भी घर आ गई थी…

समाप्त

अगर

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