राजवीर सिंह पिछले दस सालों से पुलिस महकमे में थे, लेकिन शिमला की उस बर्फीली रात ने उनके होश उड़ा दिए थे। शहर के मशहूर बिजनेसमैन, विक्रम मल्होत्रा, अपने ही आलीशान बंगले के बंद कमरे में मृत पाए गए थे।

कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। खिड़कियों पर लोहे की मजबूत ग्रिल लगी थी। आत्महत्या का कोई चांस नहीं था क्योंकि विक्रम के गले पर किसी के हाथों के निशान थे—यानी साफ तौर पर मर्डर।

तीन संदिग्ध और तीन कहानिय

राजवीर ने जब जांच शुरू की, तो उनके सामने तीन लोग थे जो उस रात बंगले में मौजूद थे:

  1. अनाया (विक्रम की पत्नी): उसने रोते हुए कहा, “मैं रात ११ बजे अपने कमरे में सोने चली गई थी। विक्रम अपने स्टडी रूम में काम कर रहे थे। सुबह जब नौकर ने चाय दी, तब पता चला।”

2.रोहन (विक्रम Siva छोटा भाई): जिसका विक्रम के साथ प्रॉपर्टी का विवाद चल रहा था। उसने कहा, “मैं रातभर अपने कमरे में दोस्तों के साथ वीडियो कॉल पर था। मेरे पास डिजिटल सबूत हैं।”

3. हरीश (पुरानी वफादार नौकर): उसने कांपते हुए कहा, “साहब ने रात १२ बजे मुझसे गर्म पानी मंगवाया था। मैंने पानी कमरे के बाहर टेबल पर रख दिया था, क्योंकि साहब ने कहा था कि उन्हें डिस्टर्ब न किया जाए।”

वो एक छोटी सी गलती

राजवीर ने फॉरेंसिक टीम के आने से पहले खुद कमरे का बारीकी से मुआयना किया। कमरा पूरी तरह व्यवस्थित था। टेबल पर गर्म पानी का फ्लास्क (Thermal Flask) रखा था।

अचानक, राजवीर की नजर खिड़की के पास रखी एक महँगी पेंटिंग पर पड़ी। वो पेंटिंग थोड़ी तिरछी थी। जब उन्होंने पेंटिंग को हटाया, तो उसके पीछे दीवार में एक छोटा सा, पुराना वेंटिलेटर (रोशनदान) दिखा। लेकिन वो वेंटिलेटर इतना छोटा था कि उससे कोई इंसान अंदर नहीं आ सकता था।

तभी राजवीर के चेहरे पर एक ठंडी मुस्कान आ गई। उन्होंने कातिल को पहचान लिया था।

क्लाइमेक्स: कातिल कौन?

राजवीर ने हॉल में सबको इकट्ठा किया और सीधे हरीश (नौकर) की तरफ देखा।”हरीश, तुमने कहा कि तुमने रात १२ बजे गरम पानी बाहर टेबल पर रखा था। लेकिन जब मैंने कमरे की तलाशी ली, तो वो फ्लास्क कमरे के अंदर मेज पर रखा था। अगर दरवाजा अंदर से बंद था, तो वो फ्लास्क अंदर कैसे आया?”

हरीश के चेहरे का रंग उड़ गया।

राजवीर ने आगे कहा, “मर्डर रात १२ बजे से पहले ही हो चुका था। तुमने विक्रम साहब का गला दबाया, कमरा अंदर से लॉक किया और फिर उस छोटे वेंटिलेटर के रास्ते एक पतली छड़ी की मदद से अंदर की कुंडी को इस तरह खींचा कि वो बंद हो जाए। इसके बाद तुमने खुद को बचाने के लिए रात १२ बजे पानी लाने का नाटक किया।”

रोहन और अनाया हैरान रह गए। हरीश घुटनों के बल बैठ गया और रोते हुए अपना जुर्म कबूल कर लिया। विक्रम उसे नौकरी से निकालने वाले थे, इसी गुस्से में उसने इस ‘परफेक्ट मर्डर’ की साजिश रची थी। लेकिन एक छोटे से फ्लास्क ने उसकी पूरी कहानी बदल द

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